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कॉमन सर्विस सेंटर उत्तराखण्ड CSS द्वारा संचालित योजनायें /Schemes run by Common Service Center Uttarakhand CSS

 

 

कॉमन सर्विस सेंटर उत्तराखण्ड  CSS द्वारा संचालित योजनायें /Schemes run by Common Service Center Uttarakhand CSS 


योजनायें :- 


योजना का नाम:- कॉमन सर्विस  सेंटर (CSS)  खोलने की सम्पूर्ण  प्रक्रिया का  विवरण।

लाभ:-  कॉमन सर्विस सेंटर  खोलने पर, कॉमन  सर्विस सेंटर धारक को  प्रत्येक आवेदन/सेवा  पर, निर्धारित कमीशन  का भुगतान किया जाता  है, जिससे (ब्ैब्)  धारक (वी0एल0ई0)  स्वरोजगार कर आय  प्राप्त कर सकता है।  सरकारी सेवाओं को  सी0एस0सी0 के द्वारा  लोगों के द्वार तक  उपलब्ध कराया जाता  है।  वर्तमान में (CSC) के  माध्यम से कई प्रमाण  पत्रों हेतु आवेदन, बिलाें  का भुगतान, प्रवेश  परीक्षा, छात्रवृति,  रोजगार हेतु आवेदन  आदि किया जाता है,  ताकि लोगों को  राजकीय कार्यालयों के  चक्कर न काटने पडें।  

पात्रता/लाभार्थी:- कॉमन सर्विस सेंटर  के लिए आवेदन  करने के लिए व्यक्ति  की आयु कम से  कम 18 वर्ष होनी  चाहिए और किसी  मान्यता प्राप्त बोर्ड  से 10वीं कक्षा  उत्तीर्ण होना चाहिए।  न्यूनतम 100-150  वर्ग फुट  जगह/कमरा/  कार्यालय आवश्यक  है। संपूर्ण पावर बैकअप  के साथ न्यूनतम  एक पी0  सी0/लैपटॉप  आवश्यक है।  न्यूनतम एक प्रिंटर  इंकजेट/ लेजर  आवश्यक है।  बायोमेट्रिक डिवाइस  की आवश्यकता है।  प्रोजेक्ट के अनुसार  ओएस और अन्य  सहायक एप्लिकेशन  आवश्यक हैं। पर्याप्त डेटा पैक के  साथ इंटरनेट  कनेक्टिविटी  आवश्यक है। टी0ई0सी0 (टेलीसेंटर  एंटरप्रेन्योर कोर्स)  प्रमाणित वी0एल0ई0  आवश्यक है।

 आवेदन प्रक्रिया एवं चयन प्रक्रिया:-  कॉमन सर्विस सेंटर संचालित करने/ग्राम स्तरीय उद्यमी (वी0एल0ई0) बनने की  प्रक्रिया निम्नवत् है :- आवेदक स्वयं को यूआरएल cscentrepreneur.in पर  पंजीकृत करेगा। पंजीकरण के लिए व्यक्ति का विवरण, आधार संख्या एवं मोबाइल  नंबंर एवं ईमेल आईडी अनिवार्य है। टी0ई0सी0 पाठ्यक्रम (जो वी0एल0ई0 बनने के  लिए अनिवार्य है। ) के लिए आवेदक टी0ई0सी0 शुल्क का भुगतान करेगा और  ऑनलाइन परीक्षा के लिए पात्र होगा और सफल परीक्षा के बाद उसे प्रमाण पत्र  मिलेगा। प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के उपरान्त आवेदक अब यू0आर0एल0  register.csc.gov.in पर ’’नया पंजीकरण लागू करे’’ं के अंतर्गत खुद  को पंजीकृत करेगा। आवेदक, आवेदन प्रकार का चयन करेगा, आवेदक  सी0एस0सी0वी0एल0ई0 का चयन करेंगे और इसके बाद वह टी0ई0सी0 नंबर टाइप  करें, टी0ई0सी0 प्रमाणन पाठ्यक्रम और छवि मान के दौरान पंजीकृत मोबाइल नंबर  और आगे की प्रक्रिया के लिए सबमिट करें। इससे आवेदक को अपने पंजीकृत  मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा और ओ0टी0पी0 प्रवेश करके टेक्स कोर्स के  दौरान पंजीकृत अपने मेल आई0डी0 को सत्यापित करेगा। आवेदक फिर से अपने  मेल आईडी पर ओ0टी0पी0 प्राप्त करेंगे। ई0मेल ओ टी पी   आेटीपी और छविमान डालकर  पुष्टि करने के बाद आगे की प्रक्रिया के लिए तीन विकल्प होंगे -1. उंगली प्रिंट, 2. ओ0टी0पी0 3. आईरिस। आवेदक किसी एक विकल्प का उपयोग कर सकता है, इसके बाद एक नया वी0एल आवेदन पत्र खुलता है। आवेदक को अपने पासपोर्ट  आकार की फोटो, के0वाई0सी0 विवरण और बैंकिंग विवरण, कियोस्क विवरण और  लेट-लांग आदि सब सब्स्केंटेंट को सफल बनाने के बाद आवेदक को एक ओटीपी  प्राप्त होगा। इन सभी आवश्यक दस्तावेजों को सफलतापूर्वक जमा करने के बाद  आवेदक को एक एप्लिकेशन संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। आवेदक का आवेदन हमारे  फील्ड स्टाफ (जिला प्रबंधकों) की आई0डी0 में दिखाई देगा जहां उसने आवेदन  किया है। क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा सफल ढांचे के बारे में पूरक होने के बाद,  बुनियादी ढांचे, उपकरणों और हस्ताक्षर बोर्ड द्वारा आगे की प्रक्रिया के लिए प्रदर्शित  किया जा सकता है या आगे की प्रक्रिया के लिए नहीं। आवेदक आवेदन के बाद राज्य क्यूसी पोट र्ल में प्रतिबिंबित होगा और क्यूसी स्तर पर सभी क्षेत्रों के सफल  सत्यापन के बाद, आवेदक को अपने पंजीकृत मेल आईडी में एक  सी0एस0सी0आई0डी0 प्राप्त होगा। जिसके उपरांत संबंधित व्यक्ति कॉमन सर्विस  सेंटर संचालित कर सकता है तथा किसी भी व्यक्ति के आवेदन पर कॉमन सर्विस  सेंटर धारक को आई0टी0डी0ए0 द्वारा न्यूनतम कमीशन सीधे उसके खाते में भुगतान  किया जाता है।

 

 योजना का नाम:- प्रधानमंत्री ग्रामीण  डिजिटल साक्षरता  अभियान  

लाभ:- ग्रामीण क्षेत्र के  निवासियों को डिजिटल  रूप से साक्षर करने  पर, वी0एल0ई0 को  प्रति व्यक्ति रू0  300/- कमीशन/ मानदेय के रूप में प्राप्त  होती है। इसमें एक व्यक्ति को  न्यूनतम 10 दिन से  अधिकतम 30 दिन तक  का प्रशिक्षण दिया जाता  है। प्रशिक्षण वीएलइ र्  समूह के रूप में अथवा  एकल रूप में दे सकता  है।

पात्रता/लाभार्थी:-  प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु प्रशिक्षणार्थियों  की उम्र 14 से 60  वर्ष होनी चाहिए। प्रत्येक परिवार के  केवल एक सदस्य  को प्रशिक्षण देना  होगा। लाभार्थी डिजिटल  निरक्षर होना  चाहिए

आवेदन प्रक्रिया एवं चयन प्रक्रिया:-  वी0एल0ई0 अपने क्षेत्र के लोगों को डिजिटल साक्षरता के प्रति जागरूक करने के  लिए प्रोत्साहित करके उनका प्रशिक्षण करवा सकता है एवं यदि कोई व्यक्ति स्वयं  इच्छुक हो उसका पंजीकरण कर प्रशिक्षण दे सकता है। पंजीकरण करने हेतु  https://www.pmgdisha.in/about_pmgdisha/  पर आवेदन करना होता है, जिसमें  लाभार्थी का आधार संख्या, मोबाइल नंबंर एवं बेसिक जानकारी की आवश्यकता  होती है। वी0एल0ई0 ऑनलाइन सी0सी0टी0वी0 के अधीन प्रशिक्षण देगा। उसके  उपरांत कोर्स खत्म होने पर संबंधित व्यक्ति को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भारत सरकार  द्वारा निर्गत किया जाता है, जिसको डाउनलोड करके संबंधित व्यक्ति को देगा।  प्रशिक्षण समाप्त होने, जांच करने के उपरांत वीएलई के खाते में प्रशिक्षण देने का  मानदेय भुगतान किया जाता है।

 

 

 

 

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