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| Dayara Bugyal |
उत्तराखंड को “देवभूमि” यूँ ही नहीं कहा जाता। यहाँ के ऊँचे-ऊँचे पहाड़, घने जंगल और खुले घास के मैदान किसी भी प्रकृति प्रेमी का दिल जीत लेते हैं। इन्हीं प्राकृतिक चमत्कारों में से एक है दयारा बुग्याल, जो उत्तरकाशी ज़िले में स्थित एक विशाल और बेहद खूबसूरत अल्पाइन घास का मैदान है।
दयारा बुग्याल न सिर्फ ट्रेकर्स के लिए बल्कि फैमिली ट्रैवलर्स, फोटोग्राफर्स और शांति की तलाश में निकले लोगों के लिए भी एक आदर्श जगह है।
दयारा बुग्याल का स्थान
दयारा बुग्याल उत्तरकाशी ज़िले में स्थित है। यह जगह समुद्र तल से लगभग 10,000 से 12,000 फीट की ऊँचाई पर फैली हुई है।
यहाँ पहुँचने के लिए बर्सू (Barsu) और रायथल (Raithal) गाँव मुख्य बेस पॉइंट माने जाते हैं।
दयारा बुग्याल की प्राकृतिक सुंदरता
दयारा बुग्याल की सबसे बड़ी खासियत है इसके मीलों तक फैले हरे-भरे मैदान। गर्मियों में यहाँ की घास मखमल जैसी हरी होती है और चारों ओर रंग-बिरंगे जंगली फूल खिलते हैं।
साफ़ मौसम में यहाँ से बंदरपूंछ, श्रीकंठ और गंगोत्री रेंज की बर्फ़ से ढकी चोटियाँ साफ़ दिखाई देती हैं।
सर्दियों में यही मैदान बर्फ़ की सफ़ेद चादर से ढक जाते हैं, जो इसे किसी यूरोपीय स्की रिसॉर्ट जैसा रूप दे देते हैं।
दयारा बुग्याल घूमने का सबसे अच्छा समय
दयारा बुग्याल साल भर आकर्षक रहता है, लेकिन हर मौसम में इसका रूप अलग होता है।
मई से जून:
ट्रेकिंग, कैंपिंग और नेचर वॉक के लिए सबसे अच्छा समय। मौसम सुहावना रहता है।जुलाई से सितंबर (मानसून):
हरियाली अपने चरम पर होती है, लेकिन रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं।अक्टूबर से नवंबर:
आसमान साफ़ रहता है और पहाड़ों के दृश्य शानदार होते हैं।दिसंबर से फरवरी:
भारी बर्फ़बारी होती है। यह समय स्नो ट्रेकिंग और स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है।
दयारा बुग्याल ट्रेक – पूरी जानकारी
दयारा बुग्याल का ट्रेक उत्तराखंड के आसान से मध्यम ट्रेक्स में गिना जाता है।
ट्रेक की शुरुआत: बर्सू या रायथल गाँव
कुल दूरी: लगभग 8–10 किलोमीटर
समय: 4 से 6 घंटे (एक तरफ)
कठिनाई स्तर: शुरुआती ट्रेकर्स के लिए भी उपयुक्त
रास्ते में घने जंगल, छोटे-छोटे नाले और खुलते हुए घास के मैदान इस ट्रेक को बेहद रोमांचक बनाते हैं।
दयारा बुग्याल में स्कीइंग
सर्दियों में दयारा बुग्याल स्कीइंग डेस्टिनेशन के रूप में भी प्रसिद्ध है।
यहाँ उत्तराखंड पर्यटन और स्थानीय संस्थाओं द्वारा स्कीइंग कैंप आयोजित किए जाते हैं। खुले और ढलानदार मैदान स्कीइंग के लिए आदर्श माने जाते हैं।
ठहरने की सुविधा
दयारा बुग्याल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के कारण बड़े होटल नहीं हैं।
बर्सू और रायथल गाँव:
होमस्टे और गेस्टहाउस उपलब्धट्रेक के दौरान:
टेंट में कैंपिंग की सुविधास्थानीय लोगों के साथ रहना यहाँ की संस्कृति को करीब से जानने का मौका देता है।
दयारा बुग्याल कैसे पहुँचे
देहरादून → उत्तरकाशी (लगभग 145 किमी, सड़क मार्ग)
उत्तरकाशी → बर्सू/रायथल गाँव (टैक्सी या लोकल वाहन)
गाँव से पैदल ट्रेक द्वारा दयारा बुग्याल
पर्यावरण और ज़रूरी सावधानियाँ
प्लास्टिक का प्रयोग न करें
कचरा अपने साथ वापस लाएँ
मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए गर्म कपड़े ज़रूर रखें
स्थानीय लोगों और प्रकृति का सम्मान करें
✨ निष्कर्ष
दयारा बुग्याल उन जगहों में से है जहाँ जाकर इंसान सच में प्रकृति के करीब महसूस करता है। हरे-भरे मैदान, बर्फ़ से ढकी चोटियाँ और शांति से भरा वातावरण इसे उत्तराखंड की सबसे खास जगहों में शामिल करता है।
अगर आप ट्रेकिंग, एडवेंचर या सिर्फ़ सुकून भरे सफ़र की तलाश में हैं, तो दयारा बुग्याल आपकी ट्रैवल लिस्ट में ज़रूर होना चाहिए।


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